पति के होते हुए देवर संग रंगरलिया मनाˈ रही थी भाभी, दोनों ने खा ली साथ जीने मरने की कसमें, फिर..ˌ

आज के इस दौर में रिश्ते नातों की कोई अहमियत नहीं रह गई है. प्यार में कब किसके कदम बहक जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है और प्यार में डूबा इंसान इसके चलते यह भी नहीं देखता है कि…




