बवासीर इस दर्दनाकˈ समस्या को और न सहें! जानिए राजीव दीक्षित जी के अचूक स्वदेशी उपायˌ

क्या आप बवासीर के असहनीय दर्द, जलन और रक्तस्राव से परेशान हैं? आधुनिक चिकित्सा के महंगे और जटिल इलाजों से पहले, भारत की प्राचीन स्वदेशी चिकित्सा में छिपे इन सरल और प्रभावी समाधानों को जानिए, जो इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

राजीव दीक्षित जी के अनुसार, बवासीर का मूल कारण लंबे समय तक रहने वाला कब्ज है। जब पेट ठीक से साफ नहीं होता और मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना पड़ता है, तो गुदा मार्ग की नसें सूजकर मस्सों का रूप ले लेती हैं। यह दो प्रकार का होता है – खूनी (जिसमें रक्तस्राव होता है) और बादी (जिसमें दर्द और खुजली होती है)। यह रोग अत्यधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन करने और बैठने वाले जीवनशैली के कारण होता है।

राजीव दीक्षित जी द्वारा सुझाए गए अचूक घरेलू उपचार:

देशी गाय का दूध और नींबू: एक कप ठंडे दूध में आधा नींबू निचोड़कर तुरंत पीने से 3 से 7 दिनों में खूनी बवासीर में आराम मिलता है।

नारियल की जटा: नारियल की जटाओं को जलाकर उसकी राख को छाछ के साथ खाली पेट लेने से हर प्रकार की बवासीर में लाभ होता है।

त्रिफला चूर्ण: कब्ज को दूर करने के लिए रात में गर्म पानी या दूध के साथ नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।

मूली का रस: मूली के रस में थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से बवासीर के मस्से ठीक होते हैं।

किशमिश: रात को पानी में भिगोई हुई किशमिश को सुबह खाने से भी इस रोग में लाभ मिलता है।

निष्कर्ष:

बवासीर एक ऐसी समस्या है जिसे सही जानकारी और खान-पान में सुधार करके पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। इन सरल स्वदेशी उपायों को अपनाएं और इस कष्टदायक रोग को अलविदा कहें।

ज्ञान का खजाना: राजीव दीक्षित जी से सीखें स्वास्थ्य के रहस्य!

राजीव दीक्षित जी ने आयुर्वेद के ऐसे कई गहरे रहस्यों को सरल भाषा में समझाया है। यह जानकारी उसी विशाल खजाने का एक छोटा सा हिस्सा है। यदि आप इस पूरे ज्ञान में गोता लगाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।

अपने इन उपायों में से कोनसा उपाय ट्राय किया कमेंट में जरूर बताए

Disclaimer: यह पोस्ट केवल जानकारी हेतु है और इसे चिकित्सकीय सलाह न समझें। किसी भी नए स्वास्थ्य उपाय को आज़माने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। व्यक्तिगत परिणाम भिन्न हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *